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इश्क़ की फ़रियाद

                
                                                         
                            कहता इश्क़ अपनी आशिकी से
                                                                 
                            
हे प्रियतमा तुम कभी ओझल
न होना मेरी स्मृति से
वैसे ही मै अधूरा हूं
तुम से जुड़ कर ही होता पूरा हूं
हम दोनों जब तक इस धरा में
है साथ -- साथ तब तक
ये दुनियां है खुशहाल
हे प्रियतमा अपने इश्क़ की
सुन लो फ़रियाद !!
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7 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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