कहता इश्क़ अपनी आशिकी से
हे प्रियतमा तुम कभी ओझल
न होना मेरी स्मृति से
वैसे ही मै अधूरा हूं
तुम से जुड़ कर ही होता पूरा हूं
हम दोनों जब तक इस धरा में
है साथ -- साथ तब तक
ये दुनियां है खुशहाल
हे प्रियतमा अपने इश्क़ की
सुन लो फ़रियाद !!
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