कुछ ख्वाहिशों को पंख नहीं मिलते
कुछ हसरतें अधूरी रह जाती है
कुछ जज़्बात को जज़्बात नहीं मिलते
कुछ दिल के सफर को मंज़िल नहीं मिलती
कुछ अरमानों की डोली नहीं उठती
कुछ इंतज़ार की सुबह नहीं होती
-अनामिका
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