ज़माने की हैं बंदिशे बहुत
हसरतें मुहब्बत कैसे जवा होगी
बढ़ चला है मेरा दिले ऐ कारवां
राहें मुहब्बत के सफर में
क्या खबर जन्नत मिलेगी
या , ज़िंदगी फ़ना होगी ।
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