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हक़ीक़त बयां किया है मैने

                
                                                         
                            हर शख्स खुद में इतना परेशान है कि
                                                                 
                            
उसे दूसरे की परेशानी नज़र ही नहीं आती !!
शक की दीवार वो दीमक है जो किसी भी
रिश्ते को खोखला कर सकती है !!
अपनी वफ़ा को बताने के लिए कोई भी
अपना सीना भगवान हनुमान की तरह
नहीं चीर सकता ये वो अहसास है जिसे
महसूस करना होगा !!
अक्सर लोग वही गलती दोहराते है
सत्य बोलने वाले सच्चे साथी को
ठुकरा कर झूठे चापलूसी करने वाले लोगों
को अपनाते है!!
हक़ीक़त बयां किया है मैने कोई नई बात नहीं
सुना रही हूं , भीड़ में शामिल होना नहीं है
चाहत मेरी , पर कुछ चुनिंदा लोग हैं मेरी
ज़िंदगी में , सज़दे में ख़ुदा तेरे अपना सर झुका रही हूं!!
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6 महीने पहले

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