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गुड़ के गुलगुले ,प्याज के पकौड़े और चाय

                
                                                         
                            मम्मी क्या बना रही हूं , तुम्हारा सर बना रही हूं
                                                                 
                            
बताओ न मम्मी भूख लगी
इतनी गर्मी है लड्डू तंग मत करो
पर बताओ तो क्या बना रही हो
कुछ ज्यादा नहीं
तुम्हारे दादा - दादी की फरमाइश
गुड़ के गुलगुले और , और क्या मम्मी
तुम्हारे पापा को प्याज के पकौड़े और चाय चाहिए
पर बच्चों को ये सब कहां पसंद आता है मम्मी
मैंने कहां न लड्डु गर्मी बहुत अब तू भी फरमाइश मत
कर , मेरा राजा बेटा आज
खा लेना , कल तेरी पसंद का
बनाऊंगी पक्का , नहीं ,नहीं मम्मी
मैं बाहर से खा लूं , तो ये बोलो पैसे चाहिए
अब तो समझ गई न मेरी प्यारी मम्मी
हां , हां वो दाल के डिब्बे में मेरा बटुआ है
निकाल ले उसमें से
अच्छा मम्मी , कितना 100 की 50
अरे 50 निकाल और देख किसी से कहियो मत
नहीं तो तुम्हारी दादी मुझे ही सुनाएगी
हां ,हां पक्का लव यू मम्मी
चलो आइए गुड़ के गुलगुले प्याज के पकौड़े
और चाय बन गई है !
क्या आप सब को भी खाना है तो आइए !!
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3 महीने पहले

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