मोहब्बत के रिश्तों में , मै थोड़ी कच्ची हूं
दोस्ती के रिश्तों में , मै बड़ी पक्की हूं
क्योंकि दोस्ती का जहां फैला है
धरती से आसमा तक
इसमें न जाति -- पाती की
पाबंदी न धर्म मज़हब के दंगों का डर
दोस्ती हमेशा साथ निभाती है
सुख दुख में काम आती हैं
गलतियां बतलाना सही मार्ग दिखलाना
ये फ़र्ज़ भी दोस्ती ब खूब निभाती हैं
मुहब्बत करने से डर लगता है मुझे
दोस्ती के लिए हमेशा हाथ बढ़ाती हूं मैं !!
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