चांद को देखूं तो तेरा खयाल आता है
तेरा खयाल जब आता है
तो दिल मेरा धड़का जाता है
हमने किया न इकरार मगर
दिल इंकार भी नहीं कर पाता है
चांद को देखूं तो .......
तेरे एहसास की खुशबू
मुझ को छू के जब - जब
गुजरती है , मेरा रोम - रोम
जैसे महक जाता है
चांद को देखूं तो .........
बार - बार तू करता है तकरार मुझसे
जाने कैसा तुझसे नाता है , फिर भी
मन मेरा तेरी ओर ही खींचा जाता है
चांद को देखूं तो ...........
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