चांद - तारों को मेरे कदमों में रखने का
मुझसे वादा न करो , वो आसमा में भले
लगते हैं उन्हें वही रहने दो
हो सके तो थोड़ा सा अपना अनमोल
समय दे दो
अपने कंधों में सर टिका के मुझको सो लेने दो
ज़माने भर की सौगातों का बिन तुम्हारे
क्या मैं करूंगी
हो सके तो अपने दिल में थोड़ी सी जगह
मुझे दे दो
बात - बात पे तुम खाओ न कसम
अपनी जान लुटा दोगे कहो न तुम
हो सके तो मुझे , अपनी जिंदगी में
शामिल कर लो
सजदा करूंगी मैं तुम्हारा
जो तुम मुझको तुम मेरी हो
सबसे कह दो !!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X