अमर उजाला मंच को दिल से सलाम
आदरणीय सभी सदस्यों को
मेरी राम राम ।
अनजाने ही हम जुड़ गए इस मंच से
ये अनजाना मंच कब अपना बन गया
इसके कई सदस्यों से गाढ़ा रिश्ता जुड़ गया
लगता हैं अब , अमर उजाला हमारा परिवार
हो जैसे , दिल चाहता है कभी छुटे न साथ वैसे
अपनी हर खुशी अपना हर दुःख दर्द हम बांटते हैं
मिलजुल के हर त्योहार भी मनाते है
भले हमारा मिलना जुलना न हो
पर अपनो जैसे लगते है सब
अमर उजाला ने पहचान दिला दी
शीर्ष स्थान दे कर हमें,
इक नया अस्तित्व दिया , दिया इक मक़ाम
जितना अभिवादन करें कम है
फिर भी दिल से धन्यवाद आभार
अमर उजाला की शान ऐसे ही रहे बरक़रार
अमर उजाला संग जुड़ कर हम भी असमान छुए
अमर उजाला का नाम सदा अमर रहे !!
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