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ऐ री सखी

                
                                                         
                            तुमने जो चाहत की है बात छेड़ी
                                                                 
                            
उसमें है तुमसे पूरी सहमति मेरी
इश्क़ इबादत है ख़ुदा की !
प्रेम प्रीत से रची बसी है गाथा
राधा श्री कृष्ण की !
प्यार शब्द है आधा पर चाहत इनकी है पूरी !
सिया राम की मर्यादा
कसमें खाती जिनकी , दुनिया सारी
इश्क़ , प्रेम , प्यार पूर्ण हो जाते है
चाहत बनके जब इन श्री चरणों में
लीन हो जाते है !!
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8 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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