खामोशियां कुछ ज्यादा नहीं है
इतनी खामोशी भी अच्छी नहीं है
क्या पता कब ज़िंदगी खामोश
हो जाए , आओ कुछ कहानी बुन ले
कल हो न हो आओ आज कुछ हंसी
यादें बुन ले !!
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