अरे नीच पाक पाकिस्तान
बड़ा एकदम तू पापी है
तेरे आतंकी हमलों की
नहीं अब कोई माफ़ी है।
गोले तोप बारूदों की है
ज़रूरत नहीं मुझको
बनाने राख बस तुझको
मेरा सिंदूर काफ़ी है।।
तू देता है गीदड़ भभकी
तेरी औकात इतनी है
तू है कायर बड़ा ढोंगी
सही यह बात इतनी है।
मेरे भारत के राजा से
क्या लड़ पाओगे तुम पापी
तुझे शमशान करने को
मेरा मजदूर काफ़ी है ।।
बनाने राख बस तुझको
मेरा सिंदूर काफ़ी है।।
- अमित प्रेमशंकर
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