दीप जलते रहें जगमगाते रहें
इस दिवाली सभी मुस्कुराते रहें
कोई घर न रहे कष्ट या शोक में
घर के बच्चे सभी खिलखिलाते रहें।
- अमित प्रेमशंकर
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