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तुमसे बिछड़ के ना जी पाऊंगा मैं

                
                                                         
                            तुमसे बिछड़ के ना जी पाऊंगा मैं
                                                                 
                            
तन्हा अकेले घुट घुटकर मर जाऊंगा मैं
न छोड़ देना हाथ मेरा ,तुम्हारे सिवा नहीं कोई साथ देगा मेरा

तुम क्या हो मेरे लिए ये कैसे बताऊं तुम्हें
तुम मेरी उम्मीद मेरा संसार हो ये कैसे समझाऊं तुम्हे

आईना देखूं तो तुम्हारा चेहरा नजर आता है क्या करूं मेरी जिंदगी तुम्हारे बिना मेरा हाल बुरा सा बन जाता है ।।

तुमसे बिछड़ के ना जी पाऊंगा मैं ,हे देवी तुम्हारे बिना कहां रह पाऊंगा मैं ।।

किया है प्यार तुमसे ये सच्चा इरादा करके ,अगर दूर हो जाओ तो इसी दुनिया में मेरा जनाजा निकले ।

मर जाऊंगा मिट जाऊंगा ना जी पाऊंगा मैं
हे मेरी देवी तुम्हारे बिना कैसे जी पाऊंगा मैं

देना साथ तुम मेरा ये उम्मीद लगाए बैठा हूं जीवन की आखिरी सांस तक अपना फर्ज निभाने को बैठा हूं

तुमसे बिछड़के न जी पाऊंगा मैं तनहा अकेले घुट घुटकर मर जाऊंगा मैं ,घुट घुटकर मर जाऊंगा मैं ।।
 
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एक घंटा पहले

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