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कोई बात दिल में है...

                
                                                         
                            "कोई बात दिल में है..."
                                                                 
                            

कोई बात दिल में है,
कह लूँ गर तुम कहो,
कुछ एहसास अधूरे हैं,
सुन लूँ गर तुम कहो...

मुझे नज़रों से होकर
तुम्हारे दिल में उतरने दो,
इन धड़कनों की ख़ामोशी को
आज थोड़ा मुखर होने दो।

जो लफ़्ज़ होंठों तक आकर
हर बार ठहर जाते हैं,
उन्हें तुम्हारी आँखों की
ज़ुबाँ में ढलने दो...

कोई बात दिल में है,
कह लूँ गर तुम कहो...

मंद-मंद हवा चली,
प्यार की कैसी ये हवा चली,
सूने मन के आँगन में
जैसे कोई ख़ुशबू खिली।
-आचार्य अमित
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एक दिन पहले

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