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सफलता के फल के लिए खुद की जगह बनाई

                
                                                         
                            पसंद है मुझे मीठी बातें, जैसे कोई मिठाई,
                                                                 
                            
पर कड़वी बातें सुन लेता हूँ, जैसे कोई दवाई।

ऐसे करता हूँ तेरा ज़िक्र, करके तेरी बड़ाई,
जैसे खोए में छुपा हो रसभरी रसमलाई।

रब ने सचमुच क्या खूबसूरत सूरत तेरी बनाई,
यह न समझना,नरम ब्रेड पर मक्खन मैंने लगाई।

सफलता के फल के लिए खुद की जगह बनाई,
मीठी-मीठी लस्सी के लिए दूध से दही जमाई।
- अमित कुमार पांडेय"
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5 घंटे पहले

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