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तू अनंत है....

                
                                                         
                            तू सीमाओं का नाम नहीं,
                                                                 
                            
संभावनाओं का विस्तार है।
हर नया सवेरा तेरे लिए
एक नया अवसर, एक नया संसार है।

आँधियाँ आएँगी, राह रोकेंगी,
पर पर्वत वही बनते हैं,
जो तूफ़ानों से समझौता नहीं करते।

हर ठोकर तुझे गिराने नहीं,
तेरी नींव को और मज़बूत करने आती है।
हर संघर्ष तेरी परीक्षा नहीं,
तेरे व्यक्तित्व का निर्माण करता है।

दूसरों से आगे निकलना सफलता नहीं,
कल के स्वयं से बेहतर बनना ही
वास्तविक विजय है।

सपनों को शब्द नहीं,
कर्म की शक्ति दे।
इरादों को प्रतीक्षा नहीं,
संकल्प की दिशा दे।

याद रख,
समय अवसर देता है,
पर इतिहास वही लिखते हैं
जो हर दिन स्वयं को नया गढ़ते हैं।

रुकना मत।
झुकना मत।
सीखना मत छोड़ना।

क्योंकि तेरी सबसे बड़ी सीमा
तेरी सोच है।

जिस दिन सोच विस्तृत होगी,
उसी दिन तेरी उड़ान भी अनंत होगी।

तू अनंत है।
तेरी क्षमता अनंत है।
और तेरी मंज़िल भी अनंत है।
-अमित डे
 
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2 महीने पहले

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