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हैप्पी बर्थडे, बिटिया

                
                                                         
                            आज बिटिया दो बरस की,
                                                                 
                            
खिली खिली जैसे गुलनार;
जन्मदिन पर देते उसको,
ढेरों आशीष और प्यार।

बार्बी डॉल की तरह,
सबके दिल को है भाती;
कभी मचलती, कभी फुदकती,
हर किसी का दिल बहलाती।

टूटी-फूटी बोली उसकी,
पल पल मन है मोहती;
बाल सुलभ आकर्षक शैली,
उस पर पूरी शोभती।

दादी के संग करती है,
अपना बर्थडे शेयर;
सुखद संयोग ही कहो इसे,
वेरी,वेरी रेयर।

सबसे पहले पूजा हुई,
फिर केक कटिंग का आयोजन;
होममेड, स्वादिष्ट, मुलायम,
केक मानो दमकता कुंदन।

शाम में, हम गए डिनर पर,
कुछ अलग, मनोरम वेन्यू एक;
पांच सितारा होटल था,
चहक रही थी, बिटिया देख।

आईटीसी ग्रैंड के प्रांगण में,
उसने फिर काटा केक;
जिसकी मिठास भर दे उसके
जीवन में रंग अनेक।

अपने छोटे भाई पर,
स्नेह लुटाया उसने भरपूर;
यह दृश्य अलौकिक है, अप्रतिम,
बरसाता आसमानी नूर।

चाकलेट से लिपापुता,
उसका मनभावन रूप ;
रहेगा याद वर्षों तक
गुदगुदाएगा हमको खूब।
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8 महीने पहले

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