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चाँद की याद में

                
                                                         
                            सभी को मिल जाएगी मंज़िल, तो बंजारों का क्या होगा?
                                                                 
                            
चाँद ही अगर सबका हो जाएगा, तो सितारों का क्या होगा?

हम लोग हैं ख़ुशनसीब, जो उसे दूर से देख लेते हैं।
जिन्हें उसका दीदार भी मयस्सर नहीं, उन बेचारों का क्या होगा?
- अमन यादव
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3 घंटे पहले

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