आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

माननीय सांसद

                
                                                         
                            माननीय सांसद बनने के लिए
                                                                 
                            
जनता के बीच घूमना पड़ता है
बरसात घाम जाड़ा को हंसते हुए सहना पड़ता है
क्योंकि छह मास की कठिन मेहनत और त्याग
पांच साल का आलीशान भविष्य तय करती है
जनता के पैसे का फिजूल खर्च करने का
सरकारी प्रमाण पत्र देती है
इसीलिए हर कोई माननीय सांसद
बनना चाहता है,
सेवा के लिए ताकि वह मेवा खा सके ।
-अमन पाल
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
9 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर