राज्य का उत्तर-पूर्व हिस्सा बनाता है
अपना गौरवपूर्ण इतिहास बताता है ।
प्रकृति के मनोरम दृश्य दिखलाता है
यह सीधी जिला कहलाता है ॥
सीधी जिले की है शान
यहाँ स्थित है बीरबल का जन्मस्थान ।
घोघरा देवी जो एक बार जाए
साथ मे चंडी माता का आशीर्वाद पाए ॥
है बात ये बहुत पुरानी
चंद्रेह शैव मंदिर है स्थापत्य कला की निशानी ।
प्राकृतिक सौंदर्य का यहाँ भण्डार अपार
संजय डुबरी मे गूँजे बाघो की हुंकार ॥
साल सागौन के है यहाँ प्रचुर अरण्य
यहाँ स्थित है सोन-घड़ियाल अभयारण्य ।
लोगों का सत्कार करना है यहाँ की सभ्यता
परसिली के कण-कण मे बसी है अनंत भव्यता ॥
यहाँ की संस्कृति है विशेष
उपलब्ध यहाँ पुरापाषाण के अवशेष ।
सीधी है मध्यप्रदेश का चमकीला तारा
बहती यहाँ गोपद-बनास की जलधारा ॥
सीधी के समृद्ध धरोहर की बात सबने है जानी
बहता यहाँ सोन नदी का पानी ।
सबने है बात ये मानी
भँवरसेन कहे बाणभट्ट के जन्म की कहानी ॥
लगे ये मिठास की गोली
अतिप्रिय है यहाँ की बघेली बोली ।
यहाँ चारों ओर परिदृश्य रहता हरा-भरा
सीधी है वन-सम्पदा की धरा ॥
यहाँ के जन-जन मे कला का भाव समाया
सीधी की पंजा दरी ने सभी जगह नाम कमाया ।
विभिन्न क्षेत्रो मे लोगो ने अपना स्थान बनाया
खेलो मे भी विश्व मे सीधी का परचम लहराया ॥
-- अमन द्विवेदी
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