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हम सब एक है

                
                                                         
                            हम सब एक है, एक थे, एक ही रहेंगे हम,
                                                                 
                            
चाहें जैसें हो हालात, मिल कर लडेंगे हम।
हमनें कई जंग, कई लड़ाई, कई बुराईयों को हराया है,
एक तू कोरोना वायरस तुझे भी हरायेंगे हम।
हम साथ है, साथ थे, साथ ही रहेंगे हम,
हर चुनौतियों का सामना मिल कर करेंगे हम।
हम सब एक है, एक थे, एक ही रहेंगे हम ,
हर जरूरतमंद की मदद मिल कर करेंगे हम।
लॉकडाउन का समय है, घर पर ही रहेंगे हम,
भारत सरकार की गाईड लाईन का पालन करेंगे हम।
हम सब एक है, एक थे, एक ही रहेंगे हम,
हर विपत्ति के समय मिल कर रहेंगे हम।
ईश्वर रूपी डॉक्टरों
और पुलिस-प्रशासन का आदर व
सम्मान करेंगे हम,
घर में रहेंगे हम घर में ही रहेंगे हम।
प्रकृति और पशु पक्षियों से,
खिलवाड़ नहीं करेंगे हम।
हम सब एक है, एक थे, एक ही रहेंगे हम,
भारत को हर चुनौती से विश्व विजय बनाएँगे हम।
हम सब एक है, एक थे, एक ही रहेंगे हम।

-अक्षय सुथार(बिट्टू)
ऋषभदेव (उदयपुर)


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले

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