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दिल में जो मुहब्बत की रौशनी नहीं होती

                
                                                         
                            दिल में जो मुहब्बत की रौशनी नहीं होती
                                                                 
                            
तेरे बिन ये जिंदगी , जिंदगी नहीं होती ।

माना कि मुश्किलें हैं मुहब्बत की डगर में
महबूब बिन मुहब्बत की बंदगी नहीं होती ।

जीत की हसरत हमेशा दिल में रखना पर
हार के बिना पूरी जिंदगी नहीं होती ।

चिराग़ हमसफ़र है अंधेरी रात का ठाकुर
जुगनुओं से अंधेरे में रौशनी नहीं होती ।
-अजातशत्रु सिंह
 
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52 मिनट पहले

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