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हक तुम्हारा नहीं...

                
                                                         
                            हक तुम्हारा नहीं मुझ पर,
                                                                 
                            
जो सात फेरों के बंधन से मुझे बाधें,
हक उसका होगा मुझे पर 
मुझे मेरी नहीं, अपने मां बाप की खुशी प्यारी है 
मेरे दिल ने तुम्हे चाहा है,
और तुम्हें मैं चाहती रहूँगी उम्र भर 
कुछ फर्ज मेरे भी हैं अपने मां बाप के लिए 
उनकी खुशी का भी ख्याल रखना है मुझे l
 
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4 वर्ष पहले

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