वह सुनें या न सुनें, यह तो उनकी मर्ज़ी है,
हमें तो उनकी हर बेरुख़ी भी रहती है।
अगर जवाब न आए, तो क्या प्यार ख़त्म है?
नहीं,
जुदाई में भी मिलने की प्यास रहती है।
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