खिले गुलाब
लाल रंग अपार
पाया है प्यार।
घर की रौनक
बगिया होती प्यारी
खुश क्यारी ।
प्रकृति रंग
छुपे जीने के ढंग
हरित संग।
गुलाब गुच्छा
पवन संग झूमा
काँटो को चूमा।
-आभा दवे
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