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हाइकु

                
                                                         
                             खिले गुलाब
                                                                 
                            
लाल रंग अपार
पाया है प्यार।

घर की रौनक
बगिया होती प्यारी
खुश क्यारी ।

प्रकृति रंग
छुपे जीने के ढंग
हरित संग।

गुलाब गुच्छा
पवन संग झूमा
काँटो को चूमा।
-आभा दवे
 
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एक घंटा पहले

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