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हमीद कानपुरी के दोहे

                
                                                         
                            जनता कर सकती नहीं, उन लोगों से लाड़
                                                                 
                            
लोकतन्त्र से  देश के, जो  करते  खिलवाड़

लड़ना  होगा  ज़ुल्म से, रहना गर आज़ाद
वर्ना    तानाशाह   सब,  कर   देंगे   बर्बाद

पकड़ा जाता  जब कहीं, डर जाता  है चोर
बचने की खातिर मगर, बहुत लगाता जोर

इसको जनता  की नहीं, आज ज़रा परवाह
हर  दिन   सत्ता   हो  रही, देखो   तानाशाह

भूल नहीं सकते कभी, हम अपना इतिहास 
दुनिया  भर में  आज भी, जंग कर्बला खास
-हमीद कानपुरी 
 
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एक घंटा पहले

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