मेरी रचना का शीर्षक है-
जिद-
कदम-कदम है, जिद खड़ी
बताओ तुम बड़ी या मै बड़ी
चुनाव तक है, बहस छिड़ी
पार्टी इनमें से है, कौन बड़ी
माया ममता, और हैं राबड़ी
गठबंधन में सभी साथ खड़ी
कदम-कदम है, जिद खड़ी
दांव लगाई है नेता ने पगड़ी
जनता सोचे, है फसल खड़ी
पांच बरस, थी सरकार अड़ी
विपक्ष खाता रहा चावल कढ़ी
अब चलें चुनाव की आय घड़ी
जानें वोट में ताकत बहुत बड़ी
बहू ससुर के, है खिलाफ लड़ी
क्यों कदम-कदम, है जिद बड़ी
खानी है, फिर जीत की खिचड़ी
कवि- पं. अमरेश उपाध्याय
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