मैं अपनाऊँगी उसको…
जो मेरी मुस्कुराहट के पीछे छुपे आँसू समझ जाए,
मैं अपनाऊँगी उसको…
जो मेरे गुस्से को शब्दों से नहीं, अपने सुकून से शांत कर जाए,
मैं अपनाऊँगी उसको…
जो मेरी खामोशी के पीछे की आवाज़ सुन पाए,
मैं अपनाऊँगी उसको…
जो मेरी सादगी पर फ़िदा हो जाए,
और उसी में अपनी दुनिया देख पाए,
मैं अपनाऊँगी उसको…
जो हर हाल में मेरा साथ निभाए,
चाहे वक्त मेरे खिलाफ ही क्यों न हो जाए…
मैं अपनाऊँगी उसको…
जो जाने के बहाने नहीं ढूँढे,
बल्कि रहने की वजह बन जाए…
- एकता भानु
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