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विश्व मानवाधिकार दिवस विशेष: इंसानियत पर कहे गये चुनिंदा शेर...

विश्व मानवाधिकार दिवस विशेष: इंसानियत पर कहे गये चुनिंदा शेर...
                
                                                         
                            इसी लिए तो यहाँ अब भी अजनबी हूँ मैं 
                                                                 
                            
तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं 
- बशीर बद्र

प्यार की चाँदनी में खिलते हैं
दश्त-ए-इंसानियत के फूल हैं हम
- मसूद मैकश मुरादाबादी

आदमी के पास सब कुछ है मगर
एक तन्हा आदमिय्यत ही नहीं
- जिगर मुरादाबादी आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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