वसीम बरेलवी आज के समय के एक मशहूर शायर हैं। उनकी ग़ज़लें बेहद मक़बूल हैं जिन्हें जगजीत सिंह से लेकर कई ग़ज़लकारों ने अपनी आवाज़ दी है। पेश हैं वसीम बरेलवी की लिखी ग़ज़लें से मशहूर शेर
वो जितनी दूर हो उतना ही मेरा होने लगता है
मगर जब पास आता है तो मुझ से खोने लगता है
अपने अंदाज़ का अकेला था
इस लिए मैं बड़ा अकेला था
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