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जब बजट की बात हुई है तो पढ़ें शायरों के लिए रुपया-पैसा क्या है

Union Budget 2019 shayari
                
                                                         
                            संसद में हर साल वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किया जाता है जिसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है। बजट यानी आपके पास जितने संसाधन और धन हैं उनके अनुसार ही अपना विकास करना। देश के साथ-साथ लोग अपने पास मौजूद रूपए-पैसों का भी बजट बनाते हैं। इसी रुपए और पैसों पर शायरों का क्या कहना है जाने इन शायरी के साथ 
                                                                 
                            


सिफ़ारिश का भरोसा भी नहीं है
मगर पैसा बराबर बोलता है
- नज़ीर मेरठी


मेहनत से पैसा मिलता है
जैसे को तैसा मिलता है
- ग़ुलाम मुर्तज़ा राही

सब से पहले दिल के ख़ाली-पन को भरना
पैसा सारी उम्र कमाया जा सकता है
- शकील जमाली


पास उस के पैसा बंगले गाड़ियाँ शोहरत भी है
'अश्क' जी वो शख़्स फिर भी ख़ानदानी क्यूँ नहीं
- परवीन कुमार अश्क
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7 वर्ष पहले

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