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त्रिलोचन की कविताओं में माटी की सोंधी सुगंध और जनता की आवाज़ गूंजती है  

त्रिलोचन की कविताओं में माटी की सोंधी सुगंध और जनता की आवाज़ गूंजती है।
                
                                                         
                            उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कटघरा, चिरानीपट्टी में 20 अगस्त 1917 को कवि त्रिलोचन शास्त्री का जन्म हुआ था। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में एम.ए. अँग्रेजी के छात्र रहे त्रलोचन शास्त्री का मूल नाम वासुदेव सिंह था। 
                                                                 
                            

उन्होंने लाहौर से शास्त्री की डिग्री प्राप्त की थी जिसकी वजह से 'शास्त्री' उनके नाम के साथ जु़ड़ गया। वे आधुनिक हिंदी कविता की प्रगतिशील त्रयी के तीन स्तंभों में से एक थे। इस त्रयी के अन्य दो स्तंभ नागार्जुन व शमशेर बहादुर सिंह थे। आगे पढ़ें

5 वर्ष पहले

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