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जन्मदिन विशेष: रेखा के अधूरे एहसास और वसी शाह की यह गज़ल...     

रेखा
                
                                                         
                            गुजरे जमाने की सुपरहिट अदाकारा रेखा आज 65 वां जन्मदिन मना रही हैं। रेखा का जन्म 10 अक्टूबर 1954 को हुआ था।रेखा का जीवन इश्क़ की एक अधूरी दास्तां कहा जा सकता है। उनके व्यक्तित्व पर वसी शाह की एक नज़्म का उल्लेख यहां किया जा रहा है।
                                                                 
                            

अपने एहसास से छू कर मुझे संदल कर दो 
मैं कि सदियों से अधूरा हूँ मुकम्मल कर दो 

न तुम्हें होश रहे और न मुझे होश रहे 
इस क़दर टूट के चाहो मुझे पागल कर दो 

अपनी आँखों में मिरे नाम का काजल कर दो... 

तुम हथेली को मिरे प्यार की मेहंदी से रंगो 
अपनी आँखों में मिरे नाम का काजल कर दो 

इस के साए में मिरे ख़्वाब दहक उट्ठेंगे 
मेरे चेहरे पे चमकता हुआ आँचल कर दो 
 
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अपनी आँखों में मिरे नाम का काजल कर दो... 

7 वर्ष पहले

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