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'हिन्दी साहित्य का इतिहास' लिखने वाले रामचन्द्र शुक्ल की कविताएं

Ramchandra shukla best poetry
                
                                                         
                            रामचन्द्र शुक्ल हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध आलोचक, अनुवादक, कथाकार और कवि भी थे। उनकी रचनाओं में सबसे विशिष्ट है 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' जिससे पाठ्य-क्रम में आज भी सहायता ली जाती है। पेश हैं रामचन्द्र शुक्ल की लिखी ये 5 कविताएं 
                                                                 
                            

प्रकृति चित्र की छटा होत परिवर्तित ऐसी
चित्रकार की अजब अनोखी गति हैं जैसी
 
भई प्रकृति हैं मौन पौन हू सोवन लागी
पशु पक्षी हू मनहुँ दियो यहि जग कहँ त्यागी

कुसुमित लतिका

कुसुमित लतिका ललित तरुन बसि क्यों छबि छावत?
हे रसालग्न! बैरि व्यर्थ क्यों सोग बढ़ावत?
हे कोकिल! तजि भूमि नाहिं क्यों अनत सिधारी?
कोमल कूक सुनाव बैठि अजहूँ तरु डारी।
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कुसुमित लतिका

7 वर्ष पहले

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