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पुण्यतिथि: मोहम्मद रफी की आवाज और ये टॉप 5 भजन...

मोहम्मद रफी
                
                                                         
                            गुजरे जमाने के यादगार गायक मोहम्मद रफी ने अपने करियर में लगभग 26 हजार गीत गाए हैं। शादी-समारोह की परंपरा, विरह की हूक, रोमांस का सुनहरा साथ, शास्त्रीय संगीत का गौरव, कव्वाली की गरिमा या भजन के लरजते भाव हो, सभी विधाओं में उन्होंने गाया है। 31 जुलाई 1980 को उनकी 38 वीं पुण्यतिथि है। यहां हम उनके गाए टॉप 5 भजन से आपको रूबरू करा रहे हैं।
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                

मन तड़पत हरि दर्शन को आज...

फिल्म-बैजू बावरा, 1952, गीतकार-शकील बदायूंनी, संगीत-नौशाद, गायक-रफी


मन तड़पत हरि दरसन को आज
मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज
आ, विनती करत, हूँ, रखियो लाज, मन तड़पत...

तुम्हरे द्वार का मैं हूँ जोगी
हमरी ओर नज़र कब होगी
सुन मोरे व्याकुल मन की बात, तड़पत हरी दरसन...

बिन गुरू ज्ञान कहाँ से पाऊँ
दीजो दान हरी गुन गाऊँ
सब गुनी जन पे तुम्हारा राज, तड़पत हरी...

मुरली मनोहर आस न तोड़ो
दुख भंजन मोरे साथ न छोड़ो
मोहे दरसन भिक्षा दे दो आज दे दो आज, ...


 
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मन तड़पत हरि दर्शन को आज...

8 वर्ष पहले

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