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'मशवरा' देते शेर...

'मशवरा' देते शेर...
                
                                                         
                            अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी 
                                                                 
                            
तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन 
- अल्लामा इक़बाल

बिछड़ने का इरादा है तो मुझ से मशवरा कर लो 
मोहब्बत में कोई भी फ़ैसला ज़ाती नहीं होता 
- अफ़ज़ल ख़ान आगे पढ़ें

6 वर्ष पहले

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