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'मशवरा' देते शेर...

'मशवरा' देते शेर...
                
                                                         
                            अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी 
                                                                 
                            
तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन 
- अल्लामा इक़बाल

बिछड़ने का इरादा है तो मुझ से मशवरा कर लो 
मोहब्बत में कोई भी फ़ैसला ज़ाती नहीं होता 
- अफ़ज़ल ख़ान

ऐ 'ज़ौक़' तकल्लुफ़ में है तकलीफ़ सरासर 
आराम में है वो जो तकल्लुफ़ नहीं करता 
- शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

वतन की फ़िक्र कर नादाँ मुसीबत आने वाली है 
तिरी बर्बादियों के मशवरे हैं आसमानों में 
- अल्लामा इक़बाल
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6 वर्ष पहले

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