'खूबसूरत आवाज़' और ये 20 बेहतरीन शेर...

'खूबसूरत आवाज़' और ये 20 बेहतरीन शेर
                
                                                             
                            'आवाज़' तो सन्नाटे की भी होती है, जुदाई की भी और दिल की भी, बस उसको समझने और महसूस करने के अंदाज़ बदल जाते हैं। शायरी में हर एक आवाज़ को आप बख़ूबी समझ सकते हैं। पेश है आवाज़ पर शायरों के कलाम- 
                                                                     
                            

ये भी एजाज़ मुझे इश्क़ ने बख़्शा था कभी 
उस की आवाज़ से मैं दीप जला सकता था 
- अहमद ख़याल

मेरी आवाज़ तुझे छू ले बस इतनी मोहलत
तेरे कूचे से गुज़र जाऊँगा साधू की तरह
- कृष्ण बिहारी नूर आगे पढ़ें

2 years ago

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