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आज़ादी की दीवानगी और ये 25 दमदार शेर...

आजादी का दिन
                
                                                         
                            आजादी जिंदगी का सबसे खुशनुमा एहसास है। गुलाम भारत को आजाद हुए 71 साल हो गए हैं। आजादी की वर्षगांठ पर हम आपको कुछ ऐसे प्रसिद्ध और दमदार शेर से परिचित करा रहे हैं, जो आपको आजादी की दीवानगी से रूबरू कराएंगे।  
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                

भगत सिंह की इन पंक्तियों ने दिया था जोश...

दिल दे तो इस मिजाज का परवरदिगार दे
जो गमों की घड़ी भी खुशी से गुजार दे

लिख रहा हूं मैं अंजाम जिसका कल आगाज आएगा
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा,
मैं रहूं या न रहूं पर ये वादा है मेरा तुमसे कि
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा

उसे यह फिक्र है हरदम नया तर्जे जफा क्या है
हमें यह शौक हैं देखें सितम की इंतहा क्या है
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भगत सिंह की इन पंक्तियों ने दिया था जोश...

8 वर्ष पहले

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