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गीत चतुर्वेदी के काव्य संग्रह 'आलाप में गिरह' से चुनिंदा पंक्तियां

Geet chaturvedi best lines from book aalap mein girah
                
                                                         
                            

गीत चतुर्वेदी आज के दौर के प्रसिद्ध कवियों में से एक हैं और युवाओं में ख़ास तौर पर लोकप्रिय हैं। पढ़ें उनके काव्य संग्रह आलाप में गिरह से चुनिंदा पंक्तियां


मैं बोलते समय अपने हाथ भी हिलाता हूँ
खट-खट जमीन पर ठोंकता हूँ अपने जूते
चुटकी बजाता हूँ, ताली पीटता हूँ, एक सीटी भी मार देता हूँ
तीन शब्द में होना था काम
तीन लाख शब्द ज़ाया हो गए

क्या मुझे ज़ोर से चिल्लाना चाहिए?

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टूटता है कोई

5 वर्ष पहले

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