हिंदी फिल्मी गीतों में होली का बड़ा रोमांटिक वर्णन किया गया है। इन गीतों को सुने बिना आपका होली का त्यौहार अधूरा रह जाएगा। हम यहां इन गीतों की प्रभावशाली पंक्तियां आपकी नजर कर रहे हैं। जिन्हें पढ़कर आपकी होली निश्चित तौर पर गुलजार हो जाएगी। आप में से हर कोई इन गीतों को एक न एक बार सुना होगा इसके बाद अगर आपको यहां पूरा का पूरा गीत मिल जाए तो यह आपके लिए होली का एक बेहतर उपहार हो जाएगा।
होली के गीतों की बात हो और अमिताभ बच्चन की चर्चा न हो ऐसा संभव ही नहीं। अमिताभ ने होली के गीतों पर दिलकश अभिनय किया है। सिलसिला शोले और बागबान में उन पर फिल्माये गये होली के गीत दूर तक दिल और दिमाग पर असर करते हैं। बचपन में रंग बरसे गीत जब सुन लेते थे तभी होली पूरी होती थी।
रंग बरसे भीगे चुनर वाली...
सिलसिला...
रंग बरसे भीगे चुनर वाली...
होली है. हो.
रंग बरसे... भीगे चुनरवाली रंग बरसे
होली है...
अरे किने मारी पिचकारी तोरी भीगी अंगिया
ओ रंग रसिया, रंग रसिया हो
होए...
रंग बरसे... अरे रंग बरसे
भीगे चुनरवाली रंग बरसे
हो रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
हो रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
हो रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
हाँ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
सोने की थारी में जोना परोसा
सोने की थारी में जोना परोसा
अरे सोने की थाली में
हाँ सोने की थारी में जोना परोसा
अरे खाए गोरी का यार
बलम तरसे रंग बरसे
होली है...
लौंगा इलाची का...
होली है...
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
लौंगा इलाची का
अरे लौंगा इलाची का भाई
हाँ लौंगा इलाची का!?
हाँ. अरे लौंगा इलाची का बीड़ा लगाया
लौंगा इलाची का बीड़ा लगाया
अरे लौंगा इलाची का
हाँ लौंगा इलाची का बीड़ा लगाया
अरे चाबे गोरी का यार बलम तरसे रंग बरसे
होली है...
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवा
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
अरे बेला चमेली का. सेज बिछाया
अरे बेला चमेली का. सेज बिछाया
बेला चमेली का. सेज बिछाया
बेला चमेली का. सेज बिछाया
अरे बेला चमेली का
हाँ बेला चमेली का. सेज बिछाया
सोए गोरी का
सोए गोरी का यार, बलम तरसे रंग बरसे
अरे रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे हाय...
होली है...
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
ओ रंग, बरसे, भीगे, चुनरवा, लीरंग, बरसे
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे हो
अरे रंग बरसे भीगे चुनरवाली रंग बरसे हाय
होली खेले रघुबीरा अवध में होली खेले...
बागबान...
होली खेले रघुबीरा अवध में होली खेले...
ताल से ताल मिले मोरे बबुआ..
बाजे ढोल मृदंग..
मन से मन का मेल जो हो तो..
रंग से मिल जाए रंग
हो.. होरी खेले रघुवीरा
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
भाई महलन में भीरा अवध में...
अरे
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
हाँ हिलमिल आवे लोग लुगाई
हिलमिल आवे लोग लुगाई
हिलमिल आवे लोग लुगाई
भाई महलन में भीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा
अरे होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
होली है..
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
अरे होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
हाँ हिलमिल आवे लोग लुगाई...
तनिक शर्म नहीं आये देखे नाहीं अपनी उमरिया
तनिक शर्म नहीं आये देखे नाहीं अपनी उमरिया
हो साठ बरस में इश्क लड़ाए
साठ बरस में इश्क लड़ाए
मुखड़े पे रंग लगाए, बड़ा रंगीला सांवरिया
मुखड़े पे रंग लगाए, बड़ा रंगीला सांवरिया
चुनरी पे डारे अबीरा अवध में
होरी खेरे रघुवीरा
अरे चुनरी पे डारे अबीरा अवध में
होरी खेरे रघुवीरा
अरे होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
हाँ हिलमिल आवे लोग लुगाई
भाई महलन में भीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा होली है..
अरे होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
हे.. अब के फाग मोसे खेलो ना होरी
हाँ हाँ ना खेलब ना खेलब
तोरी शपथ मैं उमरिया की थोरी
हाय हाय हाय चाचा
देखे है ऊपर से, झांके नहीं अन्दर सजनिया
देखे है ऊपर से, झांके नहीं अन्दर सजनिया
उम्र चढ़ी है दिल तो जवां है
उम्र चढ़ी है भैया दिल तो जवां है
बांहों में भरके मुझे ज़रा झनका दे पैंजनिया
बांहों में भरके मुझे ज़रा झनका दे पैंजनिया
साँची कहे है कबीरा अवध में...
साँची कहे है कबीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा
अरे साँची कहे है कबीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा
अरे, होरी खेले रघु
हो.. होरी खेले रघुवीरा
अवध में होरी खेले रघुवीरा
होरी खेले रघुवीरा
अवध में होरी खेले रघुवीरा
हिलमिल आवे लोग लुगाई
हाँ हिलमिल आवे लोग लुगाई
भाई महलन में भीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा होली है..
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
अरे भैया होरी खेले, रघुवीरा अवध में
होरी खेले रघुवीरा
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
होरी खेले रघुवीरा अवध में होरी खेले रघुवीरा
होली के दिन दिल खिल जाते हैं...
शोले...
होली के दिन दिल खिल जाते हैं...
चलो सहेली.. चलो रे साथी..
चलो सहेली.. चलो रे साथी..
ये पकड़ो ये.. पकडूं
इससे ना छोडो
अर्रे अर्रे अर्रे बइया ना तोडो
ओ ठहेर जा भाभी
अरे जारे शराबी
क्या हो राजा गली में आजा
रंगों में रंग मिल जाते हैं...
होली होली गाओं की गोरी ओ नखरेवाली
दूँगी मैं गली अर्रे रामू की साली
होली रे होली
होली के दिन दिल खिल जाते हैं
रंगों में रंग मिल जाते हैं
होली के दिन दिल खिल जाते हैं
रंगों में रंग मिल जाते हैं
मल दे गुलाल मोहे...
कामचोर...
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
चुनरी पे रंग सोहे
आई होली आई रे
सात रंग, सात सुर, आज मिले साथ रे
बजने लगी बाँसुरी, जमने लगी बात रे
भीगी-भीगी पवन सारी
के आई होली आई रे
मल दे गुलाल मोहे...
चुनरी पे रंग सोहे...
आज कोई उनको भी भेज दे संदेश रे
राह तके दुल्हनिया जाने को परदेस रे
आई-आई रे याद आई
के आई होली आई रे
चुनरी पे रंग सोहे...
प्यार से गले मिलो भेद-भाव छोड़ दो
लोक-लाज की दीवार आज सनम तोड़ दो
रहे दामन न कोई खाली
के आई होली आई रे
मल दे गुलाल मोहे...
जोगी जी धीरे धीरे, जोगीजी वाह जोगीजी...
नदिया के पार...
जोगी जी धीरे धीरे, जोगीजी वाह जोगीजी...
नदी के तीरे तीरे, जोगीजी वाह जोगीजी
जोगी जी कोई ढूँढे मूँगा कोई ढूँढे मोतिया
हम ढूँढे अपनी जोगनिया को,
जोगी जी ढूँढ के ला दो, जोगीजी वाह जोगीजी
मिला दो हमें मिला दो, जोगीजी वाह जोगीजी
रंग लेके ओ जंग लेके...
१) फागुन आयो ओ मस्ती लायो
भरके मारे पिचकारी अरा र र र र रा
रंग लेके ओ जंग लेके
मारे (?) जोगी रातें जागी सारी अरा रररर रा
जोगी जी नींद ना आवे, जोगीजी वाह जोगीजी
सजन की याद सतावे, जोगीजी वाह जोगीजी
जोगी जी प्रेम का रोग लगा हमको कोई इसकी दवा जल्दी हो तो कहो
बुरी है ये बीमारी, जोगीजी वाह जोगीजी
लगे है दुनिया खारी, जोगीजी वाह जोगीजी
पर जिसके रंग हम रंगे छुप गई वो गुलनार...
सारे गाँव की गोरियाँ रंग गई हमपे डार
पर जिसके रंग हम रंगे छुप गई वो गुलनार
छुप गईं वो गुलनार जोगीजी सूना है सँसार
बिना उसे रंग लगाए, जोगी जी वह जोगी जी
ये फागुन लौट ना जाए, जोगी जी वाह जोगी जी
जोगी जी कोई ढूँढे ...
जोगी जी ढूँढ के ला दो
मिला दो हमें मिला दो
नीला पीला हरा गुलाबी...
आप बीती...
नीला, पीला, हरा, गुलाबी, कच्चा-पक्का रंग...
रंग डाला मेरा अंग-अंग
राम दुहाई छोड़ कलाई
ओए मामा
ओ मेरे मामा क्या बाजू मेरा तोड़ेगा
आगे-पीछे, ऊपर-नीचे
कोई कितना दौड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
नीला पीला हरा गुलाबी...
आज का दिन है प्यार का दिन...
अरे छेड़छाड़ मत करना, करके होली का बहाना
आज का दिन है प्यार का दिन
कोई मार न मुझसे खाना
कुर्ता ढील, तंग पैजामा, गुस्सा रहने दे रे मामा
हाथ मिला ले प्रेम की रेखा
तुमने दुनिया में क्या देखा
अरे तुमने देखे प्रेम के नाटक
हमने देखी जंग
रंग डाला, मेरा अंग-अंग
नीला पीला हरा गुलाबी...
होली आयी रे कन्हाई...
मदर इंडिया...
होली आयी रे कन्हाई...
रंग छलके
सुना दे ज़रा बांसुरी
बरसे गुलाल रंग मोरे अंगनवा
अपने ही रंग में रंग दे मोहे सजनवा
... हो देखो नाचे मोरा मनवा
तोरे कारन घर से आई हूँ निकल के
सुना दे ज़रा बांसुरी
लकड़ी जल कोयला भई...
होली आयी रे...
छूटे ना रंग ऐसी रंग दे चुनरिया
धोबनिया धोये चाहे सारी उमरिया
... हो मन को रंग देगा साँवरिया
मोहे भाये ना हरजाई रंग हलके
सुना दे ज़रा बांसुरी
होली आयी रे...
लकड़ी जल कोयला भई
और कोयला जल भयो राख
मैं पापन ऐसी जली
ना कोयला भई, ना राख
काहे छोड़ी रे कलाई संग चल के...
होली घर आई तू भी आजा मुरारी
मन ही मन राधा रोये बिरहा की मारी
... हो नहीं मारो पिचकारी
काहे छोड़ी रे कलाई संग चल के
सुना दे ज़रा बांसुरी
होली आई रे...
सात रंग में खेल रही है...
आखिर क्यों...
सात रंग में खेल रही है...
दिल वालों की टोली रे
भीगे दामन चोली रे
अरे अपने ही रंग में रंग ले मुझको
याद रहेगी होली रे
रंग है दुनिया वालों के...
लाल-गुलाबी नीले-पीले
रंग है दुनिया वालों के
प्यार के रंग में डूब गए दिल
देखो हम मतवालों के
अरे उजला मुखड़ा देख के तेरा
रंग उड़े है उजालों के
सात रंग में खेल...
नहा के रंग में निखर गयी है...
हौंदा है इक बार साल विच
फागुन दा महीना
नहा के रंग में निखर गयी है
आज हर इक हसीना
अरे इस मौसम में जो ना भीगे
क्या है उसका जीना
सात रंग में खेल...
आज न छोड़ेंगे...
कटी पतंग...
आज न छोड़ेंगे...
आज न छोड़ेंगे
आज न छोड़ेंगे
बस हमजोली
खेलेंगे हम होली
खेलेंगे हम होली
चाहे भीगे
चाहे भीगे तेरी चुनरिया
चाहे भीगे रे चोली
खेलेंगे हम होली
होली है
अपनी अपनी किस्मत है ये
कोई हँसे कोई रोये
कोई हँसे कोई रोये
ऐसे नाता तोड़ गए हैं...
रंग से कोई
अंग भिगोये रे
कोई असुवन से
नैन भिगोये
असुवन से नैन भिगोये
रहने दो ये बहाना
क्या करेगा ज़माना
तुम हो कितनी भोली
खेलेंगे हम होली
आज न छोड़ेंगे
बस हमजोली
खेलेंगे हम होली
खेलेंगे हम होली
ऐसे नाता तोड़ गए हैं
मुझसे ये सुख सारे
मुझसे ये सुख सारे
जैसे जलती आग
किसी बन में
छोड़ गए बंजारे
छोड़ गए बंजारे
दुःख है इक चिंगारी
भर के ये पिचकारी
आयी मस्तों की टोली
खेलेंगे हम होली
आज ना छोड़ेंगे
आज न छोड़ेंगे
बस हमजोली
खेलेंगे हम होली
खेलेंगे हम होली
चाहे भीगे तेरी चुनरिया
चाहे भीगे रे चोली
खेलेंगे हम होली
अमर उजाला एप इंस्टॉल कर रजिस्टर करें और 100 कॉइन्स पाएं
केवल नए रजिस्ट्रेशन पर
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही
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