बॉलीवुड में बारिश के मौसम का अपना अलग मज़ा रहा है। बारिश पर कई कर्णप्रिय गीत फ़िल्माए गए हैं। इन गीतों ने हिंदी सिनेमा को एक हसीन पहचान दी है। बरसात के कुछ ऐसे सदाबहार गाने हैं, जिनको सुनते ही आप ख़्वाबों-ख़्यालों में डूब जाते हैं। कुछ गानों से अज़ीज़ यादें जुड़ी हैं। इन सदाबहार गीतों से तन के साथ-साथ मन भी भीग जाता है। बारिश के ऐसे ही कुछ सदाबहार गाने हम यहां पेश कर रहे हैं, जिन्हें लोग बिना गुनगुनायें नहीं रह सकते।
बारिश के साथ फ़िल्माए गीतों में फ़िल्म 'नमक हलाल' का आज रपट जाए...गीत बेहद लोकप्रिय है। 1982 में रिलीज़ इस फ़िल्म में अमिताभ बच्चन और स्मिता पाटिल ने ग़ज़ब का रोमांस पेश किया है। गीत में अमिताभ पूरी तरह मदमस्त हो जाते हैं और पूरी तन्मयता के साथ बारिश का मज़ा लेते हैं। बप्पी लाहिरी के संगीत में किशोर कुमार और लता मंगेशकर की कर्णप्रिय आवाज़ों ने इस गीत में चार चांद लगा दिए हैं। अनजान ने इस गीत को लिखा है।
बादल यूं गरजता है...
बेताब
1983 में रिलीज़ फ़िल्म 'बेताब' का ये गाना जब भी बारिश होती है तो मन को बरखा की बूंदों के साथ झूमने को उत्साहित करता है। सनी देओल की यह पहली फ़िल्म थी। उनके साथ नायिका अमृता सिंह थीं। गीत को आनंद बक्षी ने लिखा है। संगीत आरडी बर्मन ने दिया है। शब्बीर कुमार और लता मंगेशकर ने गीत में अपनी आवाज़ दी हैं। गीत में बिजली चमकने की आवाज़ और बारिश की बूंदों में ग़ज़ब का तालमेल दिखता है।
देखो ना देखो ना...
फना
2006 में रिलीज़ फ़िल्म 'फ़ना' का ये गीत सभी ने सुना होगा। काजोल और आमिर ख़ान पर फ़िल्माया यह गीत प्रेमी-प्रेमिका को अपने पहले प्यार की याद दिलाता है। इस गाने को प्रसून जोशी ने लिखा है। सोनू निगम और सुनिधि चौहान ने इसमें अपनी ख़ूबसूरत आवाज़ दी है।
सावन बरसे तरसे दिल...
दहक
बारिश के गीतों की बात करें तो 'सावन बरसे तरसे दिल' गीत ज़ेहन में उभर जाता है। 1999 में रिलीज़ फ़िल्म 'दहक' के इस गीत को अक्षय खन्ना और सोनाली बेंद्रे पर फ़िल्माया गया है। गीत मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा है जबकि इसमें संगीत आदेश श्रीवास्तव और आनंद मिलिंद ने दिया है। गायक हरिहरन और गायिका साधना सरगम हैं। प्रेम के रस में बारिश की बूंदे गीत को असरदार बनाती हैं।
एक लड़की भीगी भागी सी...
चलती का नाम गाड़ी
1958 में रिलीज़ फ़िल्म 'चलती का नाम गाड़ी' का यह गीत बारिश में भीगी लड़की के किसी के साथ पहली मुलाक़ात को बख़ूबी बयां करता है। झमाझम बारिश में मधुबाला और किशोर कुमार की जुगलबंदी गीत को रोमांटिक एहसास देती है। सचिन देव वर्मन ने इसमें संगीत दिया है। मजरूह सुल्तान पुरी ने इसे लिखा है। गीत के बोल बारिश के साथ प्यार के गहरे एहसास को व्यक्त करते हैं। बारिश में फ़िल्माए गए इस गीत को बॉलीवुड के सबसे रोमांटिक गानों में एक माना जाता है।
टिप टिप बरसा पानी...
मोहरा
1994 में रिलीज़ फ़िल्म 'मोहरा' का ये गीत बारिश में मोहब्बत के एहसास को बयां करता है। गीत के बोल इतने सुहावने हैं कि इससे प्रेमी-प्रेमिका के बीच प्रेम उमड़ने लगता है। उदित नारायण और अलका याज्ञनिक ने इसमें अपनी सुहावनी आवाज़ दी है। यह गीत अक्षय कुमार और रवीना टंडन पर फ़िल्माया गया है। मोहरा के सभी गीत सुपरहिट थे। उसमें यह गीत सबसे ज्यादा सुपर हिट था। आनंद बक्षी ने इसे लिखा है। इसमें संगीत वीजू शाह ने दिया है।
बरसो रे मेघा...
गुरु
2007 में रिलीज़ फ़िल्म 'गुरू' का यह गाना सभी ने सुना होगा। इस गाने में बारिश में बेझिझक घूमती ऐश्वर्य राय बच्चन बारिश और उमंग की एक बेहतरीन कड़ी के रूप में पेश की गई हैं। गीत गुलज़ार द्वारा लिखा गया है। श्रेया घोषाल ने इसमें अपनी ख़ूबसूरत आवाज़ दी है। संगीत ए.आर रहमान का है।
हाय-हाय ये मजबूरी, ये मौसम और ये दूरी...
जीनत अमान
मनोज कुमार की फ़िल्म रोटी,कपड़ा और मकान का यह गीत सावन के मौसम की पूरी शिद्दत के साथ याद दिलाता है। 1974 में रिलीज़ इस फिल्म में यह गीत ज़ीनत अमान पर फ़िल्माया गया है। गाने में संगीत वर्मा मलिक ने दिया है। ख़ूबसूरत आवाज़ लता मंगेशकर ने दी है। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने इसमें संगीत दिया है।
रिमझिम गिरे सावन...
मंजिल
बारिश के सुहावने गीतों में यह गीत सबसे अधिक लोकप्रिय है। बारिश का मौसम आते ही यह दिल में अपने आप आज भी उतरने लगता है। हिंदी फ़िल्मों के कालजयी कलाकार अमिताभ बच्चन और ख़ूबसूरत अदाकारा मौसमी चटर्जी पर यह गीत फ़िल्माया गया है। फ़िल्म 'मंज़िल' के इस गाने की ख़ासियत ये है कि इसे न सिर्फ़ बारिश में बल्कि हर मौसम में भी याद किया जाता है। किशोर कुमार ने इसे अपनी बेहतरीन आवाज़ से संवारा है। इसके बोल योगेश ने लिखे हैं। पंचम दा यानी आरडी बर्मन ने इसमें संगीत दिया है ।
भीगी-भीगी रातों में...
राजेश खन्ना और जीनत अमान
बारिश के चंद बेहतरीन गानों में से एक इस गीत को राजेश खन्ना और ज़ीनत अमान पर फ़िल्माया गया है। 1974 में रिलीज़ फ़िल्म 'अजनबी' के इस गाने को आवाज़ दी है किशोर कुमर और लता मंगेशकर ने। आर डी बर्मन ने इसमें संगीत दिया है। आनंद बक्षी ने इसे लिखा है।
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