आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

गुरु पूर्णिमा विशेष - गुरु की महिमा पर कहे गए दोहे

guru purnima dohe collection
                
                                                         
                            गुरु अमृत है जगत में, बाकी सब विषबेल,
                                                                 
                            
सतगुरु संत अनंत हैं, प्रभु से कर दें मेल।


गीली मिट्टी अनगढ़ी, हमको गुरुवर जान,
ज्ञान प्रकाशित कीजिए, आप समर्थ बलवान।

कबीरा ते नर अन्ध है गुरु को कहते और 
हरि रूठे गुरु ठौर है गुरु रुठै नहीं ठौर


गुरु शरणागत छाड़ि कै करे भरोसा और
सुख सम्पति को कह छलि नहीं नरक में ठौड़
आगे पढ़ें

4 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर