जहां प्रतियोगिता है वहां कोई जीतेगा ही और यदि कोई जीत रहा है तो किसी का हारना भी निश्चित है। हार ज़िंदगी के किसी भी मोड़ पर हो सकती है। लेकिन हार क्षणिक है और हौंसला निरंतर है। इसलिए हार से कभी मन को कमज़ोर नहीं करना चाहिए। चूंकि अगर हौंसला रह तो फिर जीता भी जा सकता है।
जीत कर जश्न मनाना तो हुई आम सी बात
हार कर भी तो कभी जश्न मनाओ साहब
- नदीम सिरसीवी
बर्बादियों का सोग मनाना फ़ुज़ूल था
बर्बादियों का जश्न मनाता चला गया
- साहिर लुधियानवी
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