आज तक बनते रहे हैं जो हमारे ज़ामिन
उन से हम हाथ मिलाने से भी महरूम रहे
- जगदीश प्रकाश
अजनबी रंग छलकता हो अगर आँखों से
उन से फिर हाथ मिलाने की ज़रूरत क्या है
- नदीम गुल्लानी
आगे पढ़ें
कमेंट
कमेंट X