रास्ता यानी जिस पर चलकर अपनी मंज़िल तक पहुंचा जाता है। हर व्यक्ति एक सफ़र में है और एक रास्ते से गुज़र रहा है। इसमें उसे कई तजुर्बात भी होते हैं। शायरों ने ज़िंदगी में रास्ते को किस तरह से देखा, जानें इन शायरी के सा
मैं तो चलता हूँ तेरी याद के साथ
रास्ता मेरे साथ चलता है
- लतीफ़ साहिल
हर मुसाफ़िर के साथ आता है
इक नया रास्ता हमेशा से
- ताजदार आदिल
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