इश्क़ में 'जुदाई' और ये 20 बड़े शेर...

जुदाई
                
                                                             
                            मिलन और जुदाई प्रेम के दो पहलू हैं। लेकिन जुदाई एक ऐसी घटना है जिसमें आशिक और माशूक, दोनों अपने अमन-चैन खो देते हैं। कोई शायर जब ऐसे तजुर्बे से गुजरता है तब वह उन एहसासों को अपनी शायरी में ढालकर उन्हें अमर कर देता है। शेरों-शायरी की श्रृंखला में आज हम पाठकों के लिए पेश कर रहे हैं 'जुदाई' पर शायरों के अल्फ़ाज-
                                                                     
                            

अब जुदाई के सफ़र को मेरे आसान करो
तुम मुझे ख़्वाब में आकर न परेशान करो
-मुनव्वर राना

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें
-अहमद फ़राज़ आगे पढ़ें

नज़र की इनायत का शुक्रिया

3 years ago

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