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ख़ुमार बाराबंकवी के 20 मशहूर शेर...

ख़ुमार बाराबंकवी
                
                                                         
                            कुछ शायर मुशायरों में ऐसे होते हैं जिनकी मौजूदगी मुशायरे की कामयाबी की सनद मानी जाती है। ऐसे ही एक शायर थे ख़ुमार बाराबंकवी। वह जिस मुशायरे में अपना कलाम पेश करते दर्शक और श्रौताओं को अपना प्रशंसक बना लेते। 20 सितंबर 1919 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पैदा हुए ख़ुमार बाराबंकवी का असली नाम मोहम्मद हैदर ख़ान था। शराब के शौक़ीन और मधुर आवाज़ के मालिक ख़ुमार मुशायरों में तरन्नुम में पढ़ना पसंद करते थे। ख़ुमार की मधुर आवाज़ सुनकर लोग उन्हें बड़े ग़ौर से सुनते थे। पाठकों के लिए आज हम पेश कर रहे हैं ख़ुमार बाराबंकवी के 20 मशहूर शेर-
                                                                 
                            

ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही
जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही

भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए आगे पढ़ें

हमें उन से प्यार है

8 वर्ष पहले

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