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ग़म और ख़ुशी में गिरे 'आंसुओं' पर ये हैं 10 बड़े शेर...

आंसू हिंदी शायरी
                
                                                         
                            आंसू, इंसानी जज़्बातों का वो हिस्सा हैं, जो ग़म और ख़ुशी, दोनों ही स्थितियों गिरते हैं। कभी-कभी आंखें नम हो जाती हैं, कभी-कभी पनीली, शायर आंखों की भाषा आसानी से पढ़ लेता है। 'आंसू' जब शायर के हिस्से आता है और शायरी में ढलता है तब वह कैसा होता है, यह बताने के लिए हम पेश कर रहे हैं 'आंसू' पर कुछ चुनिंदा शेर- 
                                                                 
                            

आंखों से आंसुओं के मरासिम पुराने हैं 
मेहमां ये घर में आएं तो चुभता नहीं धुआं 
- गुलज़ार
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....मेरी तरफ़ लौट आए फ़राज़

7 वर्ष पहले

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